जिला खेल स्टेडियम में है संसाधनों का अभाव

ललितपुर। शहर के एकमात्र जिला स्तरीय खेल स्टेडियम में संसाधनों और प्रशिक्षकों का अभाव है। इसके कारण यहां आने वाले खिलाड़ियों की प्रतिभा में निखार नहीं आ पा रहा है। यहां खेलने आने वाले खिलाड़ियों के लिए उचित मार्गदर्शन देने के लिए प्रशिक्षक (कोच) नहीं है। इससे शहर की प्रतिभाओं में निखार नहीं आ पा रहा है।


 

जिला खेल स्टेडियम में जिम्नास्टिक के लिए रामबाबू कुशवाहा व क्रिकेट के लिए नीतेश कुमार राज की अंशकालीन मानदेय प्रशिक्षक (कोच) की तैनाती है। इसके अलावा यहां एथलेटिक्स, वॉलीबाल, बास्केटबॉल, फुटबॉल, बैडमिंटन, खो-खो, कबड्डी, हैंडबॉल, जूडो-कराटे आदि खेलों के कोच नहीं हैं। जिम्नास्टिक के कोच रामबाबू कुशवाहा ने बताया कि स्टेडियम में न तो जिम्नास्टिक हॉल है और न ही खिलाड़ियों के खेलने के लिए उपकरण हैं। इससे जिम्नास्टिक में रुचि रखने वाले शहर के खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। युवा खिलाड़ियों को उपकरण और उचित संसाधन नहीं मिल पाने से उनमें मायूसी है।
हम लोग रोज स्टेडियम में आते हैं। लेकिन, यहां बास्केटबॉल, फुटबॉल, बैडमिंटन आदि के लिए कोच नहीं है, जिससे हम लोग यहां खेल नहीं पाते हैं।
- अनुराग जैन
हम लोग प्रतिदिन यहां क्रिकेट की रिहर्सल करने आते हैं। क्रिकेट के कोच जब से आए हैं, तभी से हम यहां प्रैक्टिस कर रहे हैं। अन्य बहुत से खेलों के कोच की यहां तैनाती ही नहीं है।
- श्रेयस जैन
स्टेडियम में बास्केटबॉल और हैंडबॉल के लिए न तो खेलने के लिए उपकरण हैं और न ही खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने के लिए कोच। हम यहां आते तो हैं, लेकिन अपनी मर्जी से खेलते रहते हैं। कई बार घूमकर वापस जाना पड़ता है।
- प्रज्जवल साहू
स्टेडियम में न तो जिम्नास्टिक हॉल है और न ही खिलाड़ियों के खेलने के लिए उपकरण हैं। इससे हम जिम्नास्टिक खिलाड़ी अपना प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं।
- राहुल विश्वकर्मा
हम यहां नेट पर क्रिकेट मैच की प्रैक्टिस कर रहे हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश किक्रेट एसोसिएशन के लिए अभी से तैयारी में जुटे हुए हैं।
- अभी शर्मा